Unsolved Mystery of Black Knight satellite ब्लैक नाइट उपग्रह एक अनसुलझा रहस्य

Mystery of Black Knight satellite - दोस्तों हमारे अंतरिक्ष के रहस्यों की खोज करना वैज्ञानिको के लिए हमेशा एक चुनौती रही है। विज्ञान की इतनी प्रगति होने के बावजूद अब भी ऐसे रहस्य है , जिसे जानने के लिए शोधकर्ता, वैज्ञानिक लगातार प्रयत्न कर रहे है। परन्तु हमारा अंतरिक्ष जितना गहरा है, और उसके रहस्य भी उतने ही गहरे है। जिसकी पूरी तरीके से खोज करना शायद हमारे बस में नहीं है। दोस्तों ऐसा ही एक रहस्य प्राचीन सेटेलाइट का है , जो हमारे पृथ्वी के पोलार ऑरबिट याने ध्रुवीय कक्षा में पिछले १३००० सालों से परिक्रमा कर रहा है , जिसे " Black Knight satellite " कहा जाता है। तो आज हम इस " ब्लैक नाइट सैटेलाइट " के बारे मे कुछ रोचक तथ्य जानेंगे। 
Mystery of Black Knight satellite ,mysterious object, unsolved mystery, Hindi, Story, History, Mystery, Kahani, Itihas, Information, Jankari, ansuljhe rahasya, vishwa ke ansuljhe rahasya, ansuljhe rochak rahasya, duniya ke rahasya in hindi
Black Knight Satellite , ये सेटेलाइट वैज्ञानिक और UFO शोधकर्ता के अनुमान अनुसार तेरा हजार साल पुराना है ,और उनके शोध के अनुसार ये एक कृत्रिम उपग्रह है, जो हमारी पृथ्वी के पोलर ऑर्बिट में चक्कर लगा रहा है। पर ये उपग्रह किसने छोड़ा , कहा से छोड़ा और कब छोड़ा इसकी अभी तक कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है। मगर कुछ वैज्ञानिक इसे मात्र एक अफ़वाह मानते है, और कुछ वैज्ञानिक इस ब्लैक नाइट सेटेलाइट के अस्तित्व का दावा भी करते है।

Black Knight satellite बारे में तब पता चला जब " निकोला टेस्ला " बिजली को वायरलेस तरीके से जोड़ने के लिए एक संशोधन पर काम कर रहे थे, तब परीक्षण के दौरान उन्होंने एक Unidentified signals को डिटेक्ट किया और ये अग्यात सिग्नल बार बार आ रहा था। और बिलकुल ऐसा ही सिग्नल १९२८ में एक सीव्हील इंजीनियर " Jorgen Hals " ने डिटेक्ट किया था , जब वो नार्वे में एक रेडिओ रिसीवर पर शॉर्टवेव ट्रान्समिशन को सुन रहे थे , तो तब उन्होंने जाना की ,उनके कुछ सिग्नल रिफ्लेक्ट होकर बार बार वापस आ रहे थे। इस बात से जोर्गेन हाल्स बहुत परेशान हुए क्यूँ के वो नहीं जानते थे की ये सब किस वजह से हो रहा है, और ये सिग्नल क्या था। पर उनके सिग्नल का इको पांच से पंधरा सेकंड के बिच रिफ्लेक्ट होकर बार बार वापस आ रहा था। और कुछ ऐसा ही १९३० में कुछ प्रयोग के दौरान सिग्नल के रिफ्लेक्शन को डिटेक्ट किया , इन सभी घटनाओं से सभी वैज्ञानिक दहशत में आ गये थे। 


black Knight Satellite एक बार फिर सुर्खियोमे आया और ये तब का हॉट टॉपिक रहा, जब १९५४ में UFO शोधकर्ता " Donald Keyhoe " ने बताया की , US AIR FORCE के एक टीम के रेडिओ सिग्नल में दो सैटेलाइट को डिटेक्ट करने का दावा किया और ये दोनों सेटेलाइट पृथ्वी के ऑर्बिट में चक्कर लगा रहे है। जब की आश्चर्य की बात ये थी की ,१९५४ में किसी भी देश के पास सेटेलाइट लॉन्च करने की टेक्नोलॉजी नहीं थी की, जिसकी मदद से वो कोई सेटेलाइट लॉन्च कर सके। दोस्तों इसका रहस्य सुलझ ही नहीं रहा था की , फिर से इस ब्लैक नाइट सेटेलाइट को १९६० , १९६३ और १९७३ में डिटेक्ट किया गया। 
Mystery of Black Knight satellite real photos, unsolved mystery, Hindi, Story, History, Mystery, Kahani, Itihas, Information, Jankari, ansuljhe rahasya, vishwa ke ansuljhe rahasya, ansuljhe rochak rahasya, duniya ke rahasya in hindi
Black Knight satellite का पक्का सबूत तब सामने आया , जब नासा ने १९९८ में इसका पहला सबूत लाया। इस सेटेलाइट का परीक्षण करके दुनिया भर के UFO को मानने वाले और उसके बारे में खोज करने वाले इन सभी का मानना है की , ये एक एलियन सेटेलाइट है , जो हमारे पृथ्वी पर नजर रखने के लिए १३ हजार सालों से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, जिसे परग्रही उच्च सभ्यताओं ने हमारे धरती के ऑर्बिट में स्थापित किया है। और कुछ विचारवंत कहते है की , हमसे भी पहले हमारी धरती पर उच्च और बहुत ही एडव्हान्स टेक्नोलॉजी वाली सभ्यता रही होंगी और उन्होंने ही इस सेटेलाइट को हजारो सालों पहले लॉन्च किया होगा। 
दोस्तों इस सेटेलाइट का रहस्य हमारे लिए तो अभी तक अनसुलझा है। मगर नासा इस बात को क्यूँ छुपा रही है ये हम नहीं जानते।..........दोस्तों आपको इस Black Knight satellite के बारे में क्या लगता है हमें ज़रुर बताये। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें