वायुमंडल क्या है? | Layers Of Atmosphere In Hindi | वायुमंडल की संरचना

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पृथ्वी पर हर प्रकार की भौतिक और रासायनिक क्रियाएँ वायुमंडल की वायु के कारण ही संपन्न होती हैं। पृथ्वी पर रहने वाले किसी भी प्रकार के सजीव या निर्जीव के लिए और जीवनपोषण के लिए वायु बहुतही अत्यावश्यक है। इसलिए हम इस पोस्ट में वायुमंडल के बारे में जानेंगे, जैसे की Atmosphere In Hindi, वायुमंडल क्या है?, वायुमंडल में कितनी परत हैं?, layers of atmosphere in hindi, वायुमंडल का क्या महत्व है? इत्यादी।

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वायुमंडल क्या है? - What Is Atmosphere In Hindi

पृथ्वी के चारों ओर सैकड़ों किलोमीटर फैली गैसीय परत को वायुमण्डल कहते हैं। याने पृथ्वी के चारों ओर घेरती हुई जितनी भी स्थान में वायु रहती है उसे वायुमंडल कहा जाता हैं।

पृथ्वी के वायुमंडल का घनत्व एक समान नहीं रहता और यह वायुमण्डल विभिन्न गैसों का मिश्रण है, जो पृथ्वी को चारो ओर से घेरा हुआ है। वायुमंडल में नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 20.9%, आर्गन 0.93%, कार्बन डाई ऑक्साइड 0.03% और हाइड्रोजन, हीलियम, ओज़ोन, निऑन, जेनान, इत्यादी कम मात्रा में रहती हैं।

पृथ्वी के Atmosphere याने वायुमंडल में जैसे जैसे ऊंचाई की और बढ़ा जाता वैसे ही हवा का घनत्व भी तेजी से घटता जाता है। ऊपर की ओर बढ़ने पर घनत्व के साथ वायुदाब भी कम होता जाता है और तो और तापमान में भी काफी गिरावट होती है।

वायुमंडल के निचले परत को "क्षोभमंडल" कहते हैं और उसके ऊपर के परत को "समतापमंडल" कहते हैं, उसके और ऊपर के परत को "मध्य मण्डल" कहते हैं, और मध्य मण्डल से ऊपरी परत को "आयनमंडल" कहते हैं। क्षोभमंडल और समतापमंडल के बीच के परत को "शांतमंडल" और समतापमंडल और मध्यमंडल के बीच के भाग को "स्ट्रैटोपॉज़" कहते हैं।

वायुमंडल का संगठन - Composition of Atmosphere in Hindi

वायुमंडल का संगठन(Composition of atmosphere) गैस, जलवाष्प और धूलकण इत्यादी तत्वों से मिलकर बनता है।

  • गैस (Gases): वायुमंडल में नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 20.9%, आर्गन 0.93%, कार्बन डाई ऑक्साइड 0.03% और हाइड्रोजन, हीलियम, ओज़ोन, निऑन, क्रिप्टान, जेनान, इत्यादी गैसें कम मात्रा में होती हैं।
  • जलवाष्प (Water Vapour): जलवाष्प मुख्य रूप से महासागरों, जलाशयों इत्यादी के वाष्पीकरण से प्राप्त होता है, और हमारे वायुमण्डल में जलवाष्प की मात्रा 3% से 5% तक होती है।
  • धूल कण (Dust Mites): पृथ्वी के वायुमंडल में धूल कण पाये जाते हैं, इसके अलावा खनिज कण, परागकण, ज्वालामुखी राख इत्यादी के भी कण पाये जाते हैं और इन्हें ऐरोसोल भी कहा जाता है। इन्हीं कणों की मदद से जलवाष्प एकत्र होती है इसीलिए इन्हें "आर्द्रताग्राही नाभिक" भी कहा जाता है।

Layers Of Atmosphere In Hindi - वायुमंडल में कितनी परत होती हैं?

पृथ्वी के वायुमण्डल को पृथ्वी की सतह से लेकर उसके सबसे ऊपरी परत तक पाँच परतो में विभाजित किया गया है, जिसे हम वायुमंडल की संरचना भी कह सकते है, इन सभी परतो की जानकारी निचे दी है:

  • क्षोभमण्डल (Troposphere)
  • समतापमण्डल (Stratosphere)
  • मध्यमण्डल (Mesosphere)
  • तापमण्डल (Thermosphere)
  • बाह्यमण्डल (Exosphere)
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Layers Of Atmosphere Diagram - Structure of Atmosphere - वायुमंडल की संरचना

1. क्षोभमण्डल (Troposphere)

क्षोभमण्डल याने Troposphere यह वायुमंडल की सबसे निचली परत है, और पृथ्वी के वायुमण्डल में होने वाली लगभग सभी मौसम संबंधी घटनाएं इसी क्षोभमण्डल में ही होती हैं। इसकी ऊँचाई ध्रुवो पर 8km से 10km और  विषुवत रेखा पर लगभग 18km से 20km होती है। इसलिए इस मंडल को अधो मंडल, संवहन मंडल और वायु मंडल की सबसे छोटी परत भी कहा जाता हैं।

क्षोभमण्डल में प्रति 165 मीटर की ऊंचाई पर वायु के तापमान में 1°C की औसत दर से कमी आती है और 1km की ऊंचाई पर 6.5°C दर से तापमान में कमी आती है, इसे ही Normal Lapse Rate(सामान्य ताप पतन दर) कहते है। ऊँचाई के साथ इस परत में वायुदाब व तापमान में कमी होती है और गर्मियों में इस क्षोभ मंडल की ऊंचाई बढ़ जाती है और सर्दियों में घट जाती है।

Troposphere/क्षोभमण्डल परत यह पृथ्वी के वायु का सबसे घना भाग है और पूरे वायुमंडल के द्रव्यमान का 80% हिस्सा इस परत में मौजूद है। इसी परत में वायुमंडल की लगभग पूरी जलवाष्प मौजूद होती है इसके अलावा जलकण, धूलकण, वायुधुन्ध, आर्द्रता भी मौजूद है, इसलिए इस भाग में सबसे ज्यादा मौसमी घटनाएँ होती हैं।

2. समतापमण्डल (Stratosphere)

यह Stratosphere याने समतापमण्डल परत क्षोभ सीमा के ऊपर और नीचे से दूसरी परत है, जिसका विस्तार लगभग 16km से 50km है। इस समतापमण्डल परत में लगभग 60 किलोमीटर से 70 किलोमीटर तक ओजोन गैस पाया जाता है जिसे ओजोन परत भी कहा जाता है।

इस मण्डल का निचला भाग हवाई जहाज, Aircraft की उड़ान के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है, क्यों की इस मण्डल में तापमान स्थिर रहता है, लेकिन लगभग 20km की ऊँचाई के बाद तापमान बढ़ने लगता है। इसके अलावा यह समतापमण्डल परत बादल और मौसम संबंधी घटनाओं से मुक्त रहता है।

इस परत की ऊपरी सीमा को 'Stratopause' कहते हैं। जैसा की हमने जाना की इस मण्डल के भाग में ओज़ोन गैस अधिक पायी जाती है, इसलिए इस ओजोन प्रधान क्षेत्र को ओज़ोन मण्डल भी कहते हैं, जो पृथ्वी को अधिक गर्म होने से बचाता हैं। यह ओज़ोन गैस सौर्यिक विकिरण की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को सोख लेती है और उन्हें पृथ्वी की सतह तक पहुंचने नहीं देती है।

3. मध्यमण्डल (Mesosphere)

यह मध्यमण्डल/Mesosphere पृथ्वी के वायुमंडल की तीसरी परत है, जो समताप सीमा (Stratopause) के ऊपर स्थित है। अन्तरिक्ष से पृथ्वी के वायुमण्डल की ओर आने वाले लगभग सभी उल्का पिंड इस परत में आकर जलते है। इस मध्यमण्डल परत की ऊंचाई लगभग 50 से 80 किलोमीटर तक है।

इस मध्य मंडल में ऊंचाई के साथ तापमान में गिरावट होने लगती है और यह लगभग -100°C तक पहुच जाता है जो वायुमंडल का सबसे कम तापमान हैं, इसलिए यह परत वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है। लेकिन इसकी ऊपरी सीमा के बाद तापमान फिर से बढ़ने लगता है।

4. तापमण्डल (Thermosphere)

इस तापमण्डल की ऊँचाई लगभग 80km से 600km तक होती है, इस तापमंडल के निचले भाग में विद्युत आवेशित कण अधिक होती है, जिहें आयन भी कहा जाता है और इसी आयन की अधिकता के कारण इस मंडल को आयनमण्डल भी कहा जाता है, और इस आयनमण्डल परत का विस्तार लगभग 80 से 500 किलोमीटर की ऊंचाई तक होता है।

इस आयनमण्डल में जो आवेशित कण होते हैं जिन्हें आयन कहते हैं, यह कण रेडियो तरंगों को धरती की सतह पर परावर्तित करते हैं और बेहतर संचार को संभव बनाते हैं।

आयनमंडल परत में बादल और जलवाष्प मौजूद नहीं होते, इस में नीचे से ऊपर जाने पर तापमान में तेजी से वृद्धि होती है। इस परत का ऊपरी भाग आयनसीमा मण्डल की कोई स्पष्ट ऊपरी सीमा नहीं है और इसके बाद अन्तरिक्ष का विस्तार है।

5. बाह्यमण्डल (Exosphere)

Exosphere/बाह्यमण्डल यह वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत है, जिसका विस्तार 600 किलोमीटर से हजारों किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और अंत में अंतरिक्ष में विलीन हो जाता है। इस बाह्यमण्डल परत में गुरुत्वाकर्षण खिंचाव बहुत ही कम होता है, इसलिए हम कृत्रिम उपग्रह इसी परत मे स्थापित करते है।

इस बाह्यमण्डल की ऊँचाई 600 से 1,000 से अधिक किलोमीटर है और यहाँ वायु प्रमाण काफी विरल होता है। इस बाह्यमण्डल परत मे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, हीलियम गैस की अधिकता होती है। 

यह बाह्यमण्डल परत पृथ्वी के वायु मण्डल की सबसे बाहरी परत है जो अंत में अंतरिक्ष में जाकर मिल जाती है, इसमे बहुत ही दुर्लभ सामग्री पाई जाती है जिसके बारे में बहुत ही कम जाना जाता है। यहाँ ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ जाता है, जो की  4000°C से भी अधिक पहुंच जाता है।

वायुमंडल का क्या महत्व है? - Importance of Atmosphere

वायुमंडल हमारे पृथ्वी के साथ साथ हर एक जिव के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है, जो गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी से जुड़ा हुआ है और इसी वायुमंडल के कारण हमारी पृथ्वी का संतुलन बना रहता है।

  • हमारे पृथ्वी के प्रत्येक प्रकार की भौतिक और रासायनिक क्रियाएँ वायुमंडल के कारण ही संपन्न होती हैं।
  • पृथ्वी के अनुकूल तापमान बनाए रखने में मदद करता है, और जल चक्र में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • वायुमंडल की ओजोन वायु की परत सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणों को रोकने में मदद करता है।
  • वायुमंडल में जलवाष्प और धूलकण भी पाए जाते हैं जिसके वजह से पृथ्वी पर सभी मौसमी घटनाएं घटती रहती है।
  • सभी सजीव प्राणी के जीवन के लिए ऑक्सीजन और पेड़ पौधे को प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड भी प्रदान करता है।

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पृथ्वी के वायुमंडल के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. वायुमंडल में कितनी परत होती हैं?

वायुमंडल में पाँच परतें हैं, जो हैं: क्षोभमण्डल (Troposphere), समतापमण्डल (Stratosphere), मध्यमण्डल (Mesosphere), तापमण्डल (Thermosphere), बाह्यमण्डल (Exosphere).

2. पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा कितनी है?

हमारे पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा 20.9% तक है।

3. पृथ्वी के वायुमंडल में नाइट्रोजन की मात्रा कितनी है?

पृथ्वी के वायुमंडल में नाइट्रोजन की मात्रा सबसे अधिक है जो कि लगभग 78% है।

4. वायुमंडल किसे कहते हैं?

पृथ्वी के चारों ओर घिरे हुए गैसीय आवरण या वायु के विस्तार को वायुमण्डल कहते हैं।

5. वायुमंडल के कितने प्रकार हैं?

वायुमंडल के कुल पाँच प्रकार, जो हैं: क्षोभमण्डल, समतापमण्डल, मध्यमण्डल, तापमण्डल, बाह्यमण्डल.

तो दोस्तों यह थी atmosphere याने वायुमंडल की जानकारी, जिसमे हमने वायुमंडल क्या है?, वायुमंडल में कितनी परत हैं?, layers of atmosphere in hindi, वायुमंडल का क्या महत्व है?, वायुमंडल का संगठन

वायुमंडल की संरचना, इत्यादी के बारे में जाना। आशा करते है की आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा होंगा, इसे आप अपने दोस्तों में जरुर शेअर करे।

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